‬मीन राशि पर जब सूर्य आवेगा तो सब शुभ कार्य बंद क्यों कर दोए जाते हे

‬मीन राशि पर जब सूर्य आवेगा तो सब शुभ कार्य बंद क्यों कर दोए जाते हे

सूर्य का जब जब गुरु की राशि धनु व मीन में परिभ्रमण होता है अथवा धनु व मीन संक्रांति होती है, वह मलमास कहलाती है। मलमास में मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। भक्ति, साधना व उत्सव का क्रम जारी रहता है।
ग्रहों के राजा सूर्य के अपने गुरुदेव बृहस्पति की दोनों राशियों (धनु और मीन) में प्रवेश के बाद सूर्य प्रभावहीन हो जाता है और शास्त्र सम्मत दृष्टि से सूर्य के प्रभाव में ही मांगलिक कार्य किए जाते हैं इसलिए दोनों राशियों में प्रवेश के समय मलमास लगता है।

शास्त्रीय मान्यता अनुसार मलमास में नामकरण, विद्या आरंभ, कर्ण छेदन, अन्न प्राशन, चौलकर्म, उपनयन संस्कार, विवाह संस्कार, ग्रह प्रवेश तथा वास्तु पूजन आदि मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।  
पुराणों के अनुसार अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से पूछते हैं, ‘मास, पक्ष, अयन, ऋतु सबके अपने-अपने गुण हैं और उनके स्वामी हैं, जिनके चलते वे पूज्य हैं, लेकिन मलमास ही अनाथ, निंदनीय, रवि संक्रांतिहीन और त्याज्य क्यों हुआ?’
इस पर भगवान कृष्ण ने कहा, ‘हे अर्जुन, यह मास दुखी होकर मेरी शरण में आया था और अपनी व्यथा कह सुनाई। जब से मैंने इस मास को स्वामित्व खुद ले लियाष जब से इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाने लगा।

Post a Comment

0 Comments