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Showing posts from November, 2019

लगन अनुसार ग्रह फल

*ज्योतिष में लग्न बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। लग्न का स्वामी होकर यदि कोई ग्रह अच्छे भाव में जाता है तो जातक को उसका अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है। इसलिए यदि लग्न का स्वामी दसवें भाव में हो तब जातक अपने माता-पिता से भी अधिक धनी होता है। यह धन वह अपनी मेहनत से अर्जित करता है।* *मेष या कर्क राशि में स्थित बुध व्यक्ति को धनवान बनाता है। जब गुरु नवें या ग्यारहवें और सूर्य पांचवें भाव में बैठा हो तब व्यक्ति धनवान होता है। बुध, गुरु और सूर्य की यह स्तिथि एक तरह का राजयोग बनाती हैं। इस योग के साथ यदि किसी ज्योतिषाचार्य की सलाह ली जाए तो यह योग बहुत लाभकारी सिद्ध होते हैं।* जब दूसरे और नवम भाव के स्वामी एक दूसरे के घर में बैठे होते हैं तब व्यक्ति को धनवान बना देते हैं। इस अवस्था में शनि ग्रह को छोड़कर दूसरे ग्रहों को देखा जाता है। शनि देव यदि दूसरे या नवम के स्वामी हों तो यह योग धनकारी नहीं होता है। *चंद्रमा और गुरु का संयोग कुंडली में बहुत शुभ और लाभदायक माना गया है। इन दोनों ग्रहों की युती हमेशा धन और सम्मान दिलाती हैं। इसके अलावा जब चंद्रमा और गुरु या चंद्रमा और शुक्र पांचवे भाव में बैठ जाएँ...

रूद्र अभिषेक

रुद्राभिषेक करने की तिथियां कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, चतुर्थी, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, द्वादशी, अमावस्या, शुक्लपक्ष की द्वितीया, पंचमी, षष्ठी, नवमी, द्वादशी, त्रयोदशी तिथियों में अभिषेक करने से सुख-समृद्धि संतान प्राप्ति एवं ऐश्वर्य प्राप्त होता है। कालसर्प योग, गृहकलेश, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में रुकावट सभी कार्यो की बाधाओं को दूर करने के लिए रुद्राभिषेक आपके अभीष्ट सिद्धि के लिए फलदायक है। किसी कामना से किए जाने वाले रुद्राभिषेक में शिव-वास का विचार करने पर अनुष्ठान अवश्य सफल होता है और मनोवांछित फल प्राप्त होता है। प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, अमावस्या तथा शुक्लपक्ष की द्वितीया व नवमी के दिन भगवान शिव माता गौरी के साथ होते हैं, इस तिथि में रुद्राभिषेक करने से सुख-समृद्धि उपलब्ध होती है। कृष्णपक्ष की चतुर्थी, एकादशी तथा शुक्लपक्ष की पंचमी व द्वादशी तिथियों में भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर होते हैं और उनकी अनुकंपा से परिवार में आनंद-मंगल होता है। कृष्णपक्ष की पंचमी, द्वादशी तथा शुक्लपक्ष की षष्ठी व त्रयोदशी तिथियों में महादेव नंदी पर सवार होकर संपूर्ण विश्व में भ्रमण कर...