Shani Transit 2026: Meen Rashi, Revati Nakshatra, aur Navmansh ke Prabhav ka Pura Vishleshan Astrologer Shweeta Oberoi
नमस्ते! मैं हूँ Shweeta Oberoi और Shree Ayushmaan Occult Science में आपका स्वागत है। आज हम एक बहुत ही गहरे विषय पर चर्चा करेंगे— मीन राशि और रेवती नक्षत्र में शनि का गोचर। शनि महाराज जब मीन राशि के अंतिम पड़ाव यानी रेवती नक्षत्र (जिसका स्वामी बुध है) में आते हैं, तो यह पूरे 30 साल के चक्र की समाप्ति और एक बड़े ' निकासी ' (Exit) का समय होता है। आइए जानते हैं कि 1996-1998 के दौरान क्या हुआ था और अब 2025-2027 के बीच हमें क्या उम्मीद करनी चाहिए। 🪐 शनि का रेवती नक्षत्र में प्रभाव: इतिहास और भविष्य 1. राजनीति में उथल-पुथल (Politics) 1996 से 1998 के बीच भारत ने एक बहुत ही अस्थिर राजनीतिक दौर देखा था। * अल्पकालिक सरकारें: उस दौरा अटल बिहारी , एच.डी. देवेगौड़ा और आई.के. गुजराल जैसे प्रधानमंत्री आए और गए। * बदलाव का संदेश : शनि जब मीन ( मोक्ष और अंत की राशि) में होते हैं, तो पुरानी सत्ताओं का अंत होता है और नए गठबंधन बनते हैं। 2025-27 में भी हम राजनीति में बड़े चेहरों की विदाई और नई विचारधाराओं का उदय देखेंगे। 2. सोना और चांदी का बाजार (Gold & Silv...