दुःख योग चौथे स्थान का स्वामी पापग्रह से युक्त हो | चौथे घर मे नीच का सूर्य व मंगल हो | आठवें घर का स्वामी ११वें भाव मे हो | लग्न मे पापग्रह के बीच मे हो | लग्न मे शनि, आठवें स्थान पर राहु तथा छठे स्थान पर मंगल हो | चन्द्रमा पापग्रहों के बीच मे हो | लग्न का स्वामी १२वें स्थान पर, दसवे स्थान पर पापग्रह और किसी भी घर मे चन्द्रमा तथा सूर्य साथ मे मकान बनाने के योग एक अच्छा घर बनाने की इच्छा हर व्यक्ति के जीवन की चाह होती है. व्यक्ति किसी ना किसी तरह से जोड़-तोड़ कर के घर बनाने के लिए प्रयास करता ही है. कुछ ऎसे व्यक्ति भी होते हैं जो जीवन भर प्रयास करते हैं लेकिन किन्हीं कारणो से अपना घर फिर भी नहीं बना पाते हैं. कुछ ऎसे भी होते हैं जिन्हें संपत्ति विरासत में मिलती है और वह स्वयं कुछ भी नहीं करते हैं. बहुत से अपनी मेहनत से एक से अधिक संपत्ति बनाने में कामयाब हो जाते हैं. जन्म कुंडली के ऎसे कौन से योग हैं जो मकान अथवा भूमि अर्जित करने में सहायक होते हैं, उनके बारे में आज इस लेख के माध्यम से जानने का प्रयास करेगें. स्वयं की...