धनतेरस पर अद्भुत संयोग: एक ही दिन में धन्वंतरी पूजन, कुबेर साधना और यम दीपदान कैसे करें? :श्वेता ओबेरॉय

धनतेरस 2026 पूजा विधि | Astrologer Shweeta Oberoi

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धनतेरस 2026: धन्वंतरि पूजन, कुबेर साधना और यम दीपदान कैसे करें?

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Founder — Shree Ayushmaan Occult Sciences

दिवाली से दो दिन पहले आने वाला धनतेरस स्वास्थ्य, समृद्धि और मंगलकामना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और यमराज से संबंधित धार्मिक परंपराओं का विशेष महत्व माना जाता है।

धनतेरस 2026 धन्वंतरि पूजा कुबेर पूजा यम दीपदान

धनतेरस का धार्मिक महत्व

धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। धार्मिक परंपरा में यह पर्व आरोग्य, धन-समृद्धि और परिवार के कल्याण की मंगलकामना से जुड़ा है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। माता लक्ष्मी समृद्धि की देवी हैं और भगवान कुबेर धन के कोषाध्यक्ष माने जाते हैं।

तीनों पूजाओं की समय-रूपरेखा

🌿 धन्वंतरि पूजन

11:30 AM – 12:30 PM

मूल सामग्री में दिया गया सांकेतिक समय
✨ लक्ष्मी-कुबेर पूजन

5:45 PM – 8:15 PM

मूल सामग्री में दिया गया सांकेतिक समय
🪔 यम दीपदान

6:30 PM – 7:30 PM

मूल सामग्री में दिया गया सांकेतिक समय
महत्वपूर्ण सूचना: ये समय मूल सामग्री में दिए गए सांकेतिक समय हैं, प्रमाणित स्थानीय मुहूर्त नहीं। धनतेरस 2026 के सही पूजा-मुहूर्त के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

1. भगवान धन्वंतरि पूजन

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के समय अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। उनकी पूजा में उत्तम स्वास्थ्य और आरोग्य की प्रार्थना की जाती है।

  • स्नान करके स्वच्छ स्थान पर पूजा की तैयारी करें।
  • जल, पीला चंदन, तुलसी पत्र और पीली मिठाई श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
  • परिवार के स्वास्थ्य और मंगल के लिए प्रार्थना करें।
मंत्र: ॐ धन्वन्तरये नमः।

2. माता लक्ष्मी एवं भगवान कुबेर पूजन

धनतेरस की संध्या पर माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार उत्तर दिशा को कुबेर से जोड़ा जाता है।

  • पूजा-स्थान को साफ करके चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाएं।
  • माता लक्ष्मी और कुबेर देव के चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • अक्षत, पुष्प और मिठाई श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
  • व्यापारी अपने बही-खातों और कार्यस्थल का पूजन भी कर सकते हैं।
मंत्र: ॐ कुबेराय नमः।

3. यम दीपदान

धनतेरस पर यमराज के निमित्त दीपदान करने की परंपरा है। इसे परिवार के स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु की मंगलकामना के साथ किया जाता है।

  • मिट्टी का दीपक अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार तैयार करें।
  • दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें, जहां आग लगने या गिरने का खतरा न हो।
  • परिवार के कल्याण और सुरक्षा की प्रार्थना करें।

धनतेरस का दिव्य संदेश

धनतेरस हमें याद दिलाता है कि जीवन में धन के साथ स्वास्थ्य, जिम्मेदारी और परिवार का कल्याण भी महत्वपूर्ण है। श्रद्धा के साथ पूजा करें और अपने परिवार की परंपराओं का सम्मान करें।

Astrologer Shweeta Oberoi के बारे में

Astrologer Shweeta Oberoi, Shree Ayushmaan Occult Sciences की संस्थापिका हैं। वे वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, वास्तु शास्त्र, अंकशास्त्र और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से संबंधित सेवाएं प्रदान करती हैं।

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धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं!

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